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आईपीओ को अच्छी तरह से एनालिसिस करने के (IPO analysis) तरीके

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स्टॉक मार्केट हो या फिर आईपीओ(IPO) हर जगह इनवेस्टमेंट करने से पहले आपको उनकी बारिकियों को समझना होगा। बिना जाने अगर आप किसी क्षेत्र में जाते हैं तो ये ठीक वैसे ही होता है जैसे- आ बैल मुझे मार

इसलिए अगर आप किसी भी कंपनी के आईपीओ में इनवेस्ट करने जा रहे हैं, तो आपको उस आईपीओ का एनालिसिस(Analysis) करने का तरीका पता होना चाहिए।

वैसे आईपीओ को एनालिसिस करने के कई तरीके हैं, जिनमें में हम कुछ तरीकों को बता रहे हैं-

कंपनी की जानकारी और उसका मैनेजमेंट-

सबसे पहले तो आप www.sebi.gov.in में जाकर उस कंपनी की red herring prospectus को पढ़िए। इसमें आपको कंपनी के बारे में सभी जरूरी जानकारी मिल जाएगी जैसे- कंपनी किस सेक्टर में काम करती है?, उस सेक्टर में इस particular कंपनी की क्या सहभागिता है? इसके साथ- साथ आप उस कंपनी के पिछले कुछ सालों का मैनेजमेंट देखिए और समझिएं। जिसके बाद ही आप उस कंपनी के मैनेजमेंट का एनालिसिस(analysis) कर सकेंगे।  

कंपनी का फ्युचर प्लान (future plan)-

किसी भी कंपनी में इनवेस्ट करने से पहले आपको उस कंपनी का फ्युचर प्लान( future plan) जरूर जान लेना चाहिए। हर कंपनी अपने red herring prospectus में future plan बताती है, वहां से आपको कंपनी के future plans पता चलेगें। फ्युचर प्लान को और बेहतर से समझने के लिए आपको उस कंपनी के IPO से जुड़ी खबरों से भी अपडेटेड रहना होगा।

कंपनी के प्रमोटर्स और शेयरहोल्डर्स (shareholders)-

आपको उस कंपनी के promoters के बारे में जानना होगा। देखना होगा कि कंपनी के प्रमोटर्स में कैसे लोग शामिल हैं?

अगर उस कंपनी के प्रमोटर्स या फिर shareholders में देश के बड़े बिजनेसमैन शामिल हैं, तो वो कंपनी जरूर ही एक अच्छी कंपनी होगी। इस तरीके से आपके एनालिसिस (Analysis) का समय भी बचेगा और आप एक बेहतर कंपनी से जुड़ भी सकेंगे। बड़े बिजनेसमैन बिजनेस की परख हमसे ज्यादा रखते हैं क्योंकि वो शेयर्स से जुड़े इस खेल को काफी समय से खेल रहे होते हैं।

इंडस्ट्री का एनालिसिस (Analysis) - उस कंपनी के इंडस्ट्री का एक तरह से   ओवरऑल (overall) एनालिसिस करना होगा। आपको देखना होगा कि वो कंपनी अपने particular industry में कितनी हिस्सेदारी बना रही है।

जैसे- अगर कोई सीमेंट कंपनी अपना IPO ला रही है, तो हमें सीमेंट इंडस्ट्री का एनालिसिस करना पड़ेगा कि हमारे देश में सीमेंट को लेकर क्या क्या मौके हैं?, नई कंपनियों को आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है कि नहीं? और जो कंपनी IPO लेकर आ रही है वो सीमेंट इंडस्ट्री में कितनी हिस्सेदारी रखती है?

इंडस्ट्री में उस कंपनी के प्रतिद्वंदी (Competitors)- एनालिसिस करते समय इस बात का जरूर ध्यान दे कि उस कंपनी के Competitors कैसे हैं?

कंपनी के competitors की जानकारी भी आपको उस कंपनी के red herring prospectus में आराम से मिल जाएगा। वहां पर competitors की स्थिति को देखकर आप कंपनी की स्थिति को देख सकेंगे।

फायनेशियल ओवरव्यू (Financial overview) - ये देखना तो बेहद जरूरी है क्योंकि इससे आप कंपनी की financing जानकारी पा सकेंगे। कंपनी के कुछ सालों के performance को जान सकेंगे। कंपनी के प्रोफिट, रेवेन्यू जैसी जानकारी का एनालिसिस कर सकेंगे। इसकी जानकारी भी आपको कंपनी के red herring prospectus में मिल जाएगा।

अंकगणितीय ओवरव्यू (Statics overview) - ये overview आपको खुद से तैयार करना होगा। कंपनी के सभी जानकारियों को इकट्ठा करके आपको उस कंपनी की सभी fundamental aspect जैसे- NAV-net assets value, ROE- return on equity, RONW-return on net worth और P/E- price to earning को जानना होगा।  

जब आप किसी कंपनी की इस तरह से analysis कर लेंगे तो आपको उसके आईपीओ में इनवेस्ट करते समय ज्यादा सोचना नहीं होगा।  

कंपनी की दूसरी subsidiary कंपनियों का analysis- जिस कंपनी के IPO में आप इनवेस्ट करना चाह रहे हैं, उस कंपनी का एनालिसिस करने के साथ साथ आपको उसकी Subsidiary कंपनियों का भी analysis करना होगा।

अगर रिलायंस इंडस्ट्रीज अपनी subsidiary जियो कंपनी का IPO ला रही है तो हमें उसकी दूसरी Subsidiary कंपनियों जैसे – रिलायंस पेट्रोलियम, रिलायंस रिटेल का भी एनालिसिस करना होगा।

कंपनी का डिमांड- आखिरी और काफी important point की उस कंपनी की मार्केट में क्या डिमांड है? आईपीओ लाने वाली कंपनी का लोगों और मार्केट में क्या नाम है या यूं कहें उसकी ब्रांड (brand) को भी देखना होगा। अगर कंपनी मजबूत है और लोगों के बीच में फेमस है तो उसके आईपीओ में इनवेस्टमेंट के मौके बढ़ जाते हैं।

इनवेस्टमेंट करने से पहले और बाद में emotionally strong होना सबसे जरूरी है, क्योंकि जब emotionally strong रहेगें तभी आप सही डिसीजन ले सकेंगे। किसी भी कंपनी के आईपीओ में इनवेस्ट करने से पहले आप उस कंपनी के red herring prospectus को इत्मीनान से और बहुत से अच्छे से पढ़े और समझे। ऐसा करने से आपको आईपीओ खरीदने में नुकसान होने के chances कम हो जाएंगे।

ऐसे ही एनालिसिस कीजिए और इनवेस्टमेंट के नए विकल्प सीखिए।

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