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भारत में दो स्टॉक एक्सचेंज है, एनएससी (NSE) और बीएससी (BSE)


स्टॉक एक्सचेंज वह बाजार या मार्केट होती है जहां पर शेयर्स को इन्वेस्टर्स खरीदते और बेचते हैं. इसे जरां विस्तार से जानते हैं और सबसे पहले शेयर बाजार यानि स्टॉक मार्केट क्या है इस बात को समझते हैं...

स्टॉक मार्केट (STOCK MARKET) 

आपको जब किसी सामान की जरूरत होती है तो आप बाजार में उसे खरीदने के लिए जाते हैं और क्रेता यानि बॉयर्स (BUYERS) उस सामान को बेचने के लिए आते हैं. बाजार में आपको भी अपनी जरूरत का सामान मिल जाता है और बेचने वाले व्यक्ति को भी उसका प्रोफिट मिल जाता है. ठीक उसी तरह से शेयर बाजार में भी सेलर (SELLERS) और बॉयर्स (BUYERS) शेयर्स को खरीदते और बेचते हैं. स्टॉक को खरीदने और बेचने की जगह को स्टॉक मार्केट कहते हैं.

स्टॉक मार्केट एक ऐसी जगह है जहां पर इन्वेस्टर्स (INVESTORS) हर रोज़ स्टॉक (STOCKS), बॉन्ड्स (BONDS) और दूसरी सिक्योरिटिज़ (OTHER SECURITIES) को खरीदतें और बेचते हैं.

वर्ल्ड बैंक (WORLD BANK) के अनुसार 2016 में 77.5 ट्रिलियन ड़ालर के स्टॉक्स, स्टॉक एक्सचेंज (STOCK EXCHANGE) पर ट्रेड हुए है.

बीएससी (BSE – BOMBAY STOCK EXCHANGE) 

BOMBAY STOCK EXCHANGE भारत का सबसे पुराना और बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है.  इसकी शुरूआत 1857 में हुई थी और अपनी शुरूआत में बीएससी (BSE) ‘द नेटिव शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स असोसिएश (THE NATIVE SHARE & STOCK BROKERS ASSOCIATION) के तौर पर जाना जाता था.  बाद में 1957 में भारत सरकार ने सिक्योरिटिज़ कॉन्ट्रेक्ट रेग्यूलेशन एक्ट, 1956 ( SECURITIES CONTRACT REGULATION ACT, 1956) के तहत बीएससी को भारत के स्टॉक एक्सचेंज का दर्जा दे दिया.

तब से लेकर आज तक बीएससी स्टॉक एक्सचेंज के तौर पर काम कर रहा है. बीएससी में 5000 से ज्यादा कंपनिया लिस्टिड है और इन कंपनियों के शेयर्स हर रोज़ स्टॉक मार्केट में ट्रेड करते हैं. अपनी शुरूआत से ही बीएससी ने लगातार ग्रोथ की है और ग्रोथ का ही तनीज़ा है कि 5000 हजार से भी ज्यादा कंपनियां बीएससी पर लिस्टिड है.

bombaystockexchange

BSE का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स है और इसके इंडेक्स की शुरूआत 1986 से हुई. आसान भाषा में कहें तो BSE में लिस्टिड कंपनियों में से सेंसेक्स उन कंपनियों का सूचकांक (INDEX) जारी करता है जिनका स्टॉक मार्कट में अच्छा प्रदर्शन करता है. सेंसेक्स का काम लिस्टिड कंपनियों का सूचकांक (INDEX) जारी करना होता है. सेंसेक्स में 30 कंपनियां शामिल है मतलब सेंसेक्स टॉप 30 स्टॉक ट्रेडिंग कंपनियों को पहचान देता है. पहले बीएससी पर शेयर्स की ट्रेडिंग पेपर्स के जरिए हुआ करती थी लेकिन बाद में 1995 में बोल्ट (BOLT – BSE ON-LINE TRADING) की शुरूआत हुई. बोल्ट की शुरूआत से बीएससी पर अब शेयर्स को खरीदने और बेचने का सिलसिला ऑनलाइन हो गया.  

बीएससी (BSE) एशिया का पहला स्टॉक एक्सचेंज है और पहला स्टॉक एक्सचेंज होने के साथ ही यह दुनिया का 12वा बड़ा स्टॉक एक्सचेंज भी है. 2017 को इसका बाजारी पूंजीकरण (MARKET CAPITALIZATION),  2 ट्रिलियन डॉलर से भी ज्यादा था. बीएससी की ऑफिशियल साइट bseindia.com है.

एनएससी (NSE- NATIONAL STOCK EXCHANGE) 

NSE भारत का दूसरा स्टॉक एक्सचेंज है जिस पर हर रोज़ हजारों इन्वेस्टर्स शेयर्स को खरीदते और बेचते हैं. यह दूसरी बड़ी स्टॉक एक्सचेंज कंपनी है. एनएससी पर 1600 से ज्यादा कंपनिया लिस्टिड है. इसकी स्थापना 1992 में हुई थी तब एनएससी, सिक्योरिटी कॉन्ट्रैक्ट एक्ट, 1956 (SECURITIES CONTRACT ACT, 1956) के तहत सिर्फ टैक्स पेयिंग कंपनी (TAX PAYING COMPANY) के तौर पर काम किया करती थी. इसके बाद में 1993 से एनएससी ने स्टॉक एक्सचेंज के तौर पर काम करना शुरू किया.

एनएससी (NSE) के आ जाने से भारतीय शेयर बाजार में इलैक्टॉनिक एक्सचेंज सिस्टम की शुरूआत हुई. पहले शेयर बाजार का काम पेपर सिस्टम के जरिए हुआ करता था लेकिन एनएससी के स्टॉक एक्सचेंज के रूप में काम करने के बाद से शेयर बाजार इलैक्टॉनिक सिस्टम पर आधारित हो गया जिसकी वजह से शेयर बाजार में इन्वेस्ट करना काफी आसान हो गया.  एनएससी ने शेयर बाजार को ऑटोमेटेड बनाया और इसी वजह से बाजार में काफी ट्रांसपैरेंसी (TRANSPARENCY) आयी.

nationalstockexchange

एनएससी का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी है और निफ्टी में 50 कंपनियां शामिल है. इसलिए निफ्टी को निफ्टी-50 के नाम से भी जाना जाता है. निफ्टी इन 50 कंपनियों का सूचकांक जारी करता है. वैसे तो नैशनल स्टॉक एक्सचेंज की शुरूआत बोम्बे स्टॉक एक्सचेंज के बाद हुई है लेकिन फिर भी नेशनल स्टॉक की ग्लोबल रैंक 11 है.

NSE की रिपोर्ट पर अगर ध्यान दे तो 2017 में इसका बाजारी पूंजीकरण (MARKET CAPITALIZATION) 1.41 ट्रिलियन डॉलर से भी ज्यादा था. एनएससी की ऑफिशियल साइट nseindia.com है. NSE और BSE दोनों ही मुंबई में स्थित है.

BSE और NSE दोनों का ही बेंचमार्क इंडेक्स है. यह बेंचमार्क इंडेक्स क्या है और कैसे काम करता है इसे भी जानते हैं...

क्या है सेंसेक्स और निफ्टीः

सेंसेक्स और निफ्टी यह दोनों ही बेंचमार्क इंडेक्स है. सेंसेक्स BSE का बेंचमार्क इंडेक्स है और निफ्टी NSE का बेंचमार्क इंडेक्स है. इन दोनों को ही थोड़ा विस्तार से समझते हैं.

सेंसेक्स (SENSEX) 

सेंसेक्स BSE का बेंचमार्क इंडेक्स है और इसमें 30 कंपनियां शामिल है. बीएससी में 5 हजार से भी ज्यादा कंपनियां लिस्टिड है. कोई भी इतनी सारी कंपनिओं को एक साथ मॉनिटर नहीं कर सकता है. इसलिए ही इन कंपनियों का सही सूचकांक प्राप्त करने के उद्देश्य से 1986 में सेंसेक्स की शुरूआत हुई थी. सेंसेक्स टर्म को पहली बार स्टॉक मार्केट ऐनालिस्ट दीपक मोहोनी ने यूज़ किया था.

Sensex

सेंसेक्स, BSE में लिस्टिड कंपनियों में से टॉप 30 कंपनियों का मार्केट कैप के हिसाब से इंडेक्स करता है. इन 30 कंपनियों को चुनने के लिए एक कमैटी होती है. इन 30 कंपनियों में से अगर कोई कंपनी अच्छा प्रदर्शन नहीं करती है तो उसे इस इंडेक्स से निकाल दिया जाता है.

उसकी जगह पर जो कंपनी अच्छा प्रदर्शन करती है उसे इसमें शामिल कर लिया जाता है. किसी कंपनी को निकाल कर अन्य कंपनी को शामिल करने का फैसला इंडैक्स कमैटी द्वारा लिया जाता है.

जब सेंसेक्स का निशान हरे रंग में होता है तो बाजार अच्छा परफॉर्म कर रहा होता है और जब सेंसेक्स लाल निशान में होता है तो शेयर बाजार खराब हालत में होता है.

निफ्टी (NIFTY) 

निफ्टी NSE का बेंचमार्क इंडेक्स है और इसमें 50 कंपनियां शामिल है. इसलिए ही इसे निफ्टी-50 के नाम से भी जाना जाता है. निफ्टी में भी टॉप की ऐसी 50 कंपनियां शामिल होती है जिनका बाजार में प्रदर्शन अच्छा होता है.

निफ्टी टॉप पर शामिल इन 50 कंपनियों के शेयर्स का सूचकांक जारी करता है. इसकी शुरूआत 1996 में हुई थी. निफ्टी को इंडियन इंडेक्स सर्विसिस एंड प्रोडक्टस् लिमिटेड (IISL - INDIAN INDEX SERVICES AND PRODUCTS LTD.) द्वारा संचालित किया जाता है और  IISL पूरी तरह से एनएसई स्ट्रैटिजिक इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NSE STRATEGY INVESTMENT CORPORATION LDT.) के अधीन है.

Nifty

निफ्टी उन 50 कंपनियों के शेयर्स का हाल दर्शाता है जो उसमें शामिल है. इसमें शामिल कंपनियों के शेयर ज्यादा खरीदे और बेचे जाते हैं. इसमें लिस्टिड कंपनिया अलग-अलग सेक्टर से चुनी जाती है और इन कंपनियों को इंडेक्स कमैटी चुनती है.

सेंसेक्स की तरह ही जब निफ्टी में शामिल कंपनिया खराब प्रदर्शन करती है तो निफ्टी निचे की तरफ आ जाता है और जब कंपनियां अच्छा प्रदर्शन करती है तो निफ्टी ऊपर की ओर जाता है.

सेंसेक्स और निफ्टी में अंतरः

सेंसेक्स और निफ्टी भारत के दो बड़े स्टॉक एक्सचेंज के बेंचमार्क इंडेक्स है. लेकिन फिर इन दोनों में काफी अतंर हैं...

  • सेंसेक्स BSE का बेंचमार्क इंडेक्स है और निफ्टी NSE निफ्टी का बेंचमार्क इंडेक्स है.
  • सेंसेक्स में 30 कंपनिया शामिल है और निफ्टी में 50 कंपनिया लिस्टिड है.
  • निफ्टी में 50 कंपनिया शामिल होने की वजह से इसके सूचकांक पर ज्यादा भरोसा किया जाता है.
  • सेंसेक्स की शुरूआत 1986 में हुई थी और निफ्टी की शुरूआत 1996 में हुई थी.

निफ्टी और सेंसेक्स दोनों का काम बीएससी और एनएसई के लिए सूचकांक जारी करना होता है. कुछ छोटी-बड़ी बातें ही इन्हें एक दूसरे से अलग बनाती हैं.

सेंसेक्स और निफ्टी में समानताः

सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही स्टॉक एक्सचेंज (BSE & NSE) के बेंचमार्क इंडेक्स के तौर पर काम करते हैं. दोनों का ही काम काफी समान है बस इन दोनों के काम को इनमें शामिल कंपनियां अलग बनाती है. दोनों का काम बाजार का हाल बताना है. दोनों में ही अलग-अलग सेक्टर्स की बड़ी कंपनियां शामिल होती है और दोनों में ही शामिल बड़ी कंपनियों का चुनाव इंडेक्स कमैटी करती है. इंडेक्स कमैटी ही तय करती हैं कि कौन-सी कंपनी सेंसेक्स और निफ्टी में बनी रहेगी और कौन-सी कंपनी इनका हिस्सा नहीं होगी.

निफ्टी और सेंसेक्स की महत्वताः

आप जान ही चुके हैं कि BSE और NSE में कितनी कंपनियां लिस्टिड है. हर रोज़ हज़ारों की सख्या में इन्वेस्टर्स शेयर्स को खरीदते और बेचते हैं. अब अगर इन सभी कंपनियों के सूचकांक नहीं होगें तो इन्वेस्टमेंट में काफी परेशानी होगी.

Nifty&sensex

इसलिए ही बाजार के  हाल को सही तरह से जानने के लिए इंडेक्स की जरूरत भी होती है और इस इंडेक्स का निफ्टी और सेंसेक्स करते हैं.

सेंसेक्स और निफ्टी के सूचकांक से बाजार का हाल तुरंत ही पता चल जाता है. शेयर बाजार कितना ऊपर गया या जाने वाला है या फिर कितना निचे गिरेगा इसका अंदाजा सेंसेक्स और निफ्टी के इंडेक्स से चल जाता है. शेयर बाजार की चाल को जानने के लिए सेंसेक्स और निफ्टी काफी जरूरी है.

By Soniya