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Reliance JIO कंपनी ने शुरू की है Broadband War 


जियो की वजह से इंडियन मार्केट में Broadband War हो रहा है। ये वॉर 2015 से ही शुरू हो गया और इसमें अब तक कितने ही Telecom Companies सूली चढ़ गई हैं। Reliance Communication इसका सबसे जीता जागता उदाहरण है और अब तो जियो ‘फाइबर टू द होम सर्विसेज’ (FTTH - Fiber To The Home Services) भी लेकर आ गई है।

ये जो बार बार ब्रॉडबैंड वॉर की बात आ रही है, वो हैं क्या?

पहले यही समझ लेते हैं कि इसका मतलब क्या है-

ब्रॉडबैंड एक तरह से कई माध्यमों जैसे- केबल मॉडम, फाइबर, वायरलेस और सैटेलाइट के जरिए हाई स्पीड इंटरनेट के लिए एक्सेस देता है। जब ब्रॉडबैंड की सर्विस देने वाली कंपनियों में कांटे की टक्कर होने लगे तो वहीं ब्रॉडबैंड वॉर कहलाता है।

इस समय तो हम सबको पता हैं कि इंडिया में इंटरनेट डाटा के लिए कितना ज्यादा Competition है और जहां Competition बढ़ता हैं, तो वहां उस product का rate कम हो जाता है। ठीक ऐसा ही Indian Telecom Market में हुआ है- जियो की वजह से आज इंडिया में इंटरनेट पैक पूरे दुनिया से काफी सस्ता है।

तभी तो मुकेश अंबानी कहते हैं कि - Data is the new oil & India does not need to import it. यानि Data नए तरीके का तेल है और इंडिया इसे विदेशों से खरीदना नहीं चाहेगा। 

इस ब्रॉडबैंड वॉर से जियो और मुकेश अंबानी की हो रही बल्ले बल्ले:

मुकेश अंबानी इंडिया के Famous Businessman धीरूभाई अंबानी के बेटे हैं और वे बहुत ही मंझे बिजनेसमैन माने जाते हैं। वे किसी भी इंडस्ट्री में जाने से पहले उसका भविष्य देखते हैं, ऐसा ही उन्होंने जियो कंपनी में किया। जब वो जियो लेकर आएं तो उस समय इंडिया में 2G और 3G इंटरनेट स्पीड चल रही थी, उन्होंने डायरेक्ट 4G स्पीड पर काम किया और इसी के साथ उन्होंने टेलेकॉम इंडस्ट्री में अपना कदम रखा।

ब्रांड बैंड वॉर को शुरू करने वाली जियो कंपनी

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रिलायंस जियो फरवरी 2007 में Infotel Broadband’ के नाम से शुरू हुई थी और 22 जनवरी 2013 को इसका नाम बदलकर रिलायंस जियो इंफोकॉम (Reliance Jio Inforcomm) रख दिया गया था। अधिकारिक तौर पर जियो कंपनी 5 मई 2016 को शुरू हुई और आज तीन सालों में टेलेकॉम इंडस्ट्री में अकेली Profitable कंपनी बन गई है। शुरूआत से ही इस कंपनी का ध्यान Volume पर रहा है। जैसे- एक कस्टमर्स से 500 लेने के बजाय 10 कस्टमर्स से 50-50 रुपया लिया जाए।

शुरूआत में फ्री सर्विसेज देकर जियो ने ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपने नेटवर्क से जोड़ लिया और उन्हें 4G इंटरनेट की सुविधा दी। फिर लोग जियो के जरिए इंटरनेट का इतना इस्तेमाल करने लगे कि उन्हें इंटरनेट का नशा हो गया। 

फ्री सर्विसेज के बाद जियो ने Prime Membership की Facility शुरू की, इस मेंबरशिप से भी बहुत ही सस्ते दाम पर इंटरनेट सर्विस उपलब्ध हो रही थी इसलिए लोगों ने जियो को अपने साथ रखा।

इसी की वजह से बाद में बाकि टेलेकॉम कंपनियों को भी इंटरनेट सर्विस सस्ता करना पड़ा। जियो ने इंडिया का सबसे बड़ा ऑप्टिकल फाइबर(Optical Fiber)’ नेटवर्क बनाया है और जियो की टेक्नोलॉजी इतनी पॉवरफुल है कि वो देश में 5G और 6G भी लाने की क्षमता रखती है। इस नई टेक्नोलॉजी से जियो को Competitive फायदा मिल गया। चूंकि ये नई Technology थी इसलिए इसके नेटवर्क के Licence के लिए उन्हें काफी टाइम लगा।

जिन इनवेस्टर्स ने जियो के इस बिजनेस प्लान को समझकर रिलायंस इंडस्ट्री में इनवेस्ट किया है उनको पिछले तीन सालों में बहुत ज्यादा फायदा हुआ है। जियो रिलायंस इंडस्ट्री की Subsidiary कंपनी है, वहीं जियो के आने के बाद रिलायंस इंडस्ट्री के रिटर्न्स काफी ज्यादा बढ़ गए हैं। चूंकि रिलायंस इंडस्ट्री एक बहुत बड़ी कंपनी है तो इस कंपनी के रिटर्न्स में बाकि Subsidiary कंपनियों का भी हाथ है।

अगस्त 2019 में रिलायंस इंडस्ट्री की Market Value 8.08 लाख करोड़ रही और ये देश की दूसरी सबसे Valuable कंपनी थी। इस समय रिलायंस इंडस्ट्री के मालिक मुकेश अंबानी इंडिया के सबसे अमीर व्यक्ति है और उनकी नेटवर्थ करीब 55 बिलियन डॉलर है।

बाकि Companies को वजूद के लिए करना पड़ रही है कश्मकश

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जियो के आने से पहले लोग Internet Data को बचा-बचाकर इस्तेमाल करते थे। जियो के आने के बाद तो Telecom Industry की तो कायापलट ही हो गई। कई कंपनियां जैसे- Reliance Communication, Telenor, Aircel ने तो अपना वॉयरलेस बिजनेस बंद ही कर दिया और 2016 में Vodafone-Idea कंपनी का मर्जर हो गया।

तभी तो Reed Hastings कहते है- Every country needs a Jio.

संभवानाएं

IPO

रिलायंस जियो वैसे अभी तक स्टॉक मार्केट में लिस्ट नहीं हुई है। मगर साल 2019 के एजीएम मीटिंग में मुकेश अंबानी ने जियो के आईपीओ को लाने का अनाउंसमेंट किया है, कि 2024 तक जियो का आईपीओ आ सकता है।  

मुकेश अंबानी अब एफटीटीएच (FTTH- Fiber To The Home Services) की व्यासायिक सुविधा 5 सिंतबर 2019 से शुरू कर दिया हैं। एफटीटीएच एक हाई स्पीड इंटरनेट सर्विस है, जिससे आप कॉलिंग, टीवी और डीटीएच की सुविधा ले सकते हैं।

क्या इंडिया को इस ब्रॉडबैंड वॉर की जरूरत थी ?

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जब विदेशों में Internet का इस्तेमाल बहुत ज्यादा हो रहा था तो हमारे यहां लोग बचा बचाकर Internet का इस्तेमाल कर रहे थे। ऐसा इसलिए क्योंकि इंडिया में तब Internet Pack बहुत महंगे थे और आज इंटरनेट पैक काफी सस्ता हो गया है।

और तो और अब तो हमारा देश दुनियाभर में सबसे कम दाम पर Internet Data की Facility देने वाले देशों में शुमार हो गया है। मुकेश अंबानी ने इंटरनेट डाटा के भविष्य को समझा और इस Telecom Project में उन्होंने करीब 3 लाख करोड़ की इनवेस्टमेंट की है।

आज देश में डिजिटल प्लेटफार्म का इस्तेमाल काफी ज्यादा हो रहा है और इस समय इंटरनेट के इस्तेमाल में इंडिया दुनियाभर में काफी आगे भी हो गया है। इस समय इंडिया के इंटरनेट पैक का दाम दुनियाभर से काफी सस्ता है।

किसी ने सच ही कहा है- Next Era Belongs To Internet Data यानि आने वाला समय इंटरनेट डाटा का है।

इस वॉर का भविष्य क्या है

इस वॉर की वजह से दूसरी Telecom Companies भी Home Broadband की सुविधा Offer कर रही है, जैसे- Airtel Xstream Platform. इन ब्रॉडबैंड की वजह से देश के IT Sector में नौकरियों की संभावनाएं काफी ज्यादा बढ़ गई हैं।  

नई Technology के विकसित होने पर कोई न कोई War जरूर होता है। कभी ऐसे War अच्छे के लिए होते हैं तो कभी बुरे के लिए। 

By Sonam