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अमेरिकन स्टॉक मार्केट में इनवेस्ट कैसे करें ?


Developed Country अमेरिका के स्टॉक मार्केट में हर कोई इनवेस्ट करना चाहता है और हम इंडियन्स तो खासकर इनवेस्टमेंट के लिए काफी उत्साहित रहते हैं। दुनिया की लगभग सारी बड़ी कंपनियां यूएस की ही हैं, यहां तक 1 ट्रिलियन Market Valuation क्लब की चारों कंपनियां Apple, Microsoft, Amazon & Google भी US based कंपनियां हैं।  दरअसल ज्यादा Valuation वाली इन कंपनियों में थोड़े से बदलाव में ही हमको अच्छा खासा Profit मिल जाता है।

अभी हाल ही में Johy Ivy के एपल छोड़कर जाने की खबर पर एपल के शेयर्स की कीमत 1% गिर गई थी। सिर्फ 1% शेयर्स के कम होने की वजह से एपल कंपनी की Market Value 9 बिलियन डॉलर यानि करीब 62, 000 करोड़ कम हो गई थी।

आपको बता दें कि यूएस की कंपनियों में बड़े पद पर ज्यादातर इंडियन्स ही हैं। जैसे- Google के CEO सुंदर पिचाई, Microsoft के CEO सत्या नडेला, Adobe के CEO शांतनु नारायण।

US Stock Market में Investment के दो तरीके हैं-

1. Foreign Brokerage Firm से tie-up वाले Indian Brokerage Firm में ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाकर।

2. Direct Foreign Brokerage Firm में ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाकर।

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Indian Brokerage Firm से ट्रेडिंग अकाउंट ओपन करवाकर-

कोई भी इंडियन जो कि यूएस स्टॉक मार्केट में इनवेस्टमेंट करना चाहता है, वह Foreign Brokerage Firm से tie-up वाले Indian Brokerage Firm में अपना ट्रेडिंग अकाउंट ओपन करके इनवेस्टमेंट कर सकता है। इस तरह के ट्रेडिंग अकाउंट को Overseas अकाउंट कहते हैं। इंडिया में Foreign tie-up के Brokerage Firms कई सारे हैं,जैसे-  ICICI direct, HDFC Securities, Kotak Securities, Reliance Money.

स्टेप्स कुछ ऐसे हैं-

1) सबसे पहले आपको FForeign tie-up वाले ब्रोकर Firm में ट्रेडिंग अकाउंट ओपन करवाना होगा।

2) KYC के लिए जरूरी सभी डाक्यूमेंट सबमिट करने होगें।

3) अकाउंट ओपन होने के बाद आपको फंड ट्रांसफर करना होगा और फिर A2 Form भरना होगा। A2 Form के जरिए आप Foreign Exchange अपने अकाउंट में receive कर पाएंगे। ये Form आपको Brokerage Firm खुद प्रोवाइड करता है।

4) फंड ट्रांसफर होने के बाद ही आप ऑनलाइन प्लेटफार्म पर ट्रेडिंग कर सकते हैं। इससे पहले आपको Executive Trade के लिए Contract Notes मिलते है, जो आपके इनबॉक्स में भेजा जाता है।

इसके बाद आप Foreign Companies के शेयर्स खरीद पाएंगे। ध्यान देने वाली बात यह है कि आप Foreign Exchange पर Margin Trading और Short Selling नहीं कर सकते हैं, क्योंकि ये दोनों Method Indian Investors के लिए Allowed नहीं हैं।

Foreign Brokerage Firm में ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाकर-

आप डायरेक्ट Foreign Brokerage में ट्रेडिंग अकाउंट ओपन करके इनवेस्टमेंट कर सकते हैं। फॉरेन के कई Brokerage Firm- Interactive Brokers, TD Ameritrade, Charles Schwab International Account etc इंडियन्स के लिए ट्रेडिंग अकाउंट ओपन करने की Permission देते हैं।

इस समय एक फायनेशियल ईयर में कोई भी इंडियन यूएस स्टॉक मार्केट में 2,50,000 डॉलर यानि करीब 1.7 करोड़ रुपये की इनवेस्टमेंट कर सकता है और यही LRS (Liberalized Remittance Scheme) की Maximum Price है। 

US Stock Market में इनवेस्ट करने के कुछ फायदे है और कुछ नुकसान भी हैं-

1>Foreign BrokerForeign Exchange में ब्रोकरेज चार्ज डॉलर में लेते हैं, इसलिए हम इंडियन्स के लिए ब्रोकरेज चार्ज ज्यादा हो जाता है।

2> एक्सचेंज रेट का काफी ज्यादा Impact पड़ता है, जब भी Dollar Fluctuate होता है तो हमारी Currency की Value भी Fluctuate हो जाती है।

3> अगर आप Global Business Factors और Economics Conditions नहीं जानते हैं तो आपके लिए यूएस स्टॉक मार्केट Dangerous साबित हो सकता है।

यूएस स्टॉक मार्केट में इनवेस्ट करके आप अपनी इनवेस्टमेंट स्किल को बढ़ा सकते हैं।

क्या आप जानते हैं कि US में लगभग 60% लोग स्टॉक मार्केट में इनवेस्टमेंट करते हैं पर इंडिया में सिर्फ 4% से 5% लोग ही Stock Market में Invest करते हैं। 

By Sonam