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Government bonds in Hindi: सरकारी बांड्स की सारी जानकारी


कुछ दिनों से आप सुन रहे होंगे की इंडियन गर्वनमेंट रोड प्रोजेक्ट के लिए पैसे जुटा रही है। इन पैसों को जुटाने के लिए Bonds रिलीज़ किए जा रहे हैं। इन Bonds के जरिए सरकार ज्यादा से ज्यादा लोगों को इनवेस्टमेंट से जोड़ने की कोशिश करेगी।

Government Bonds का नाम सुनते ही हमारे मन में हजारों सवाल आ जाते हैं-

सबसे पहले तो यही सवाल आता है कि ये होते क्या है?

क्या इन Bonds पर लगाएं गए पैसे Risky होते हैं?

आखिर ये Bond आता कब है? और हमें कैसे पता चल पाएगा?

ऐसे तमाम सवालों का जवाब आज आपको मिल जाएगें। साथ में इस सवाल का भी जवाब मिल जाएगा कि देश के विकास के लिए इस तरह के Bonds में Invest करना क्यों जरूरी होता है?

आपने सुना ही होगा कि America में परिजन अपने बच्चों को गिफ्ट्स में Bonds या फिर किसी कंपनी के कुछ शेयर देते हैं। ऐसा वो इसलिए करते हैं क्योंकि वो जानते हैं कि यहीं इनवेस्टमेंट भविष्य में उनके काम आएगा और ये इनवेस्टमेंट देश की Economy भी बढ़ाएगी और यहीं Passive Income होती है। ये बात Developed Countries के लोग बहुत अच्छे से जानते और समझते हैं ।

और अब Indians भी इनवेस्टमेंट की Importance को समझ रहे हैं। यूं तो Investment के बहुत सारे तरीके होते हैं, पर हर इंसान अपने पैसे को ऐसी जगह Invest करना चाहता है जहां Returns तो Maximum हो पर Risk Minimum हो।

तो चलिए आपको Investment का सबसे Non-Risky तरीका बताते है-

वो होते हैं- Government Bonds.

governmentbonds

Government Bonds जानने से पहले ये जान लेते हैं कि ये Bonds क्या होते हैं? 

Bonds एक तरह का Financial Instrument होता हैं, किसी Specific Projects के Funds के लिए Bonds Issue/Release किए जाते हैं और इसके जरिए लोगों से Funds Raise किया जाता है। इसमें समय और रिटर्न का रेट निर्धारित होता है। ये Bonds दो तरह के होते हैं Corporate Bonds और दूसरे Municipal Bonds.

Corporate Bonds

जैसा कि इस Bond में Corporate शब्द जुड़ा है। ठीक वैसे ही- इस Bonds के जरिए Corporate Companies Fund Raise करती है।

Municipal Bonds

Municipal Bonds को शहर, राज्य या फिर राष्ट्रीय स्तर पर गर्वनमेंट इश्यू करती है। इन Bonds को आम जनता भी ख़रीद सकती है और Municipal Bonds में Government Bonds भी शामिल हैं। NHAI (National Highway Authority of India) के द्वारा Issue किए गए Bonds Government Bond होते हैं। इन पर RBI का स्टैम्प गारंटी के तौर पर लगा होता है। NHAI के इस Bond पर कुछ Tax Benefits मिलते हैं।

किसी भी देश में वो Bonds सबसे ज्यादा भरोसे मंद और सुरक्षित होते हैं, जिसे वहां की सरकार Issue करती है।

अब सवाल ये उठता है कि Government ये Bonds Issue कब करती है?

और एक आम आदमी को कैसे पता चले कि Government ने ये Bonds Issue कर दिएं हैं?

जब भी सरकार को किसी योजना के लिए ज्यादा पैसे की जरूरत होती है तो सरकार ये Bonds Issue करती है। Government Bonds का कोई विशेष समय नहीं होता है। एक साल में कई बार सरकार बांड्स इश्यू कर सकती है। इसकी जानकारी न्यूज वेबसाइट, सरकारी वेबसाइट/ पोर्टल और बैंकों से मिलती है।

इन Government Bonds में इनवेस्ट करने के कई तरीके हैं

investment

NSE ने NSEgoBID और BSE ने BSE-direct नाम के App लांच किए हैं। इन Apps को आप मोबाइल में डाउनलोड कर सकते है और यहां आपको Government Securities या Bonds की सारी जानकारी मिलेंगी। इन Apps से आप Short Term & Long Term दोनों तरह के Bonds खरीद सकते हैं। Long Term Bonds, जिनकी समयसीमा 5 से 40 साल के बीच होती है और Short Time यानि Treasury Bills (T-Bills) जिनकी समय सीमा 1 साल से कम होती है।

पहले Government Securities या Bonds को सिर्फ बड़े इनवेस्टर्स जैसे- Banks, Insurance Companies & Mutual Funds Companies खरीद लेते थे और छोटे इनवेस्टर्स और आम जनता इसे खरीद ही नहीं कर पाते थे। क्योंकि पहले छोटे इनवेस्टर्स और आम जनता को इसकी जानकारी ही नहीं मिलती थी और आज की तरह Bonds खरीदना इतना आसान भी नहीं था।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की Non-Competitive Bidding Facility के आने के बाद अब छोटे इनवेस्टर्स और आम लोग भी Government Securities में बड़ी आसानी से इनवेस्ट कर पाते हैं।

Government Securities में Minimum 10 हजार रुपये से इनवेस्टमेंट कर सकते हैं और ये Payment आप Directly अपने Unified Payments Interface (UPI) और इंटरनेट बैंकिंग के जरिए कर सकते है। इन दोनों App के अलावा कुछ Brokerage Firms भी Bonds में इनवेस्ट करने की सुविधा देती हैं। Apps & Brokerage Firms के जरिए इस तरह ऑनलाइन इनवेस्टमेंट के लिए आपको Demat account जरूर ही खुलवाना होगा।

कूपन दर/रेट

इन Bonds का एक कूपन दर तय किया जाता है। कूपन दर एक तरह की ब्याज दर होती है। Bond Insurer इसी Rate पर Bond Holders को ब्याज देती है। Coupon Rate के ही आधार पर आपको Bond पर वार्षिक रिटर्न मिलता है।

Coupon Rate का फार्मूला है- (Total annual coupon payment divide by par value of bond) Multiply 100

क्या कहीं और भी बेच सकते हैं?

खरीदे हुए इन Bonds को Secondary Market के जरिए आप दूसरे किसी इनवेस्टर को भी बेच सकते हैं। Secondary Market में उन Securities को खरीदा व बेचा जाता है जो मार्केट में आ चुकी हों।

पर अगर आपको अपने खरीदे हुए Bonds के पूरे Benefits चाहिए हैं, तो आपको उसे Full Tenure तक होल्ड करना होगा। अगर आप भी ऐसे इनवेस्टमेंट को ढ़ूढ़ रहे हैं जहां आपको Risk कम और ज्यादा Return मिले तो आप Government Securities या Bonds में Investment कर सकते हैं।

By Sonam